One Liner...

...tujhe bhi apne pe ye aeitbaar hai ki nahi...

Tuesday, March 9, 2010

dost ban ban ke mile mujhako miTaane vaale - - Jagjit Singh


दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले
मैने देखे हैं कई रंग बदलने वाले

तुमने चुप रहके सितम और भी ढाया मुझपर
तुमसे अच्छे हैं मेरे हाल पे हँसने वाले

मैं तो इखलाक़ के हाथों ही बिका करता हूँ
और होंगे तेरे बाज़ार में बिकने वाले

अखिरी दौर पे सलाम-ए-दिल-ए-मुस्तर लेलो (?)
फिर ना लौटेंगे शब-ए-हिज्र पे रोनेवाले...

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